गोविंदपुर जीएम-पीओ ने धरना स्थल पहुच आंदोलन समाप्त कराया

कतरास : छाताबाद भू-धंसान प्रभावितों के आशियाने और सुरक्षा की मांग को लेकर जीटीए आउटसोर्सिंग के मुख्य द्वार पर पिछले 18 दिनों से चल रहा ‘आशियाना बचाओ आंदोलन’ मंगलवार को प्रबंधन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया. आंदोलन के समापन के दौरान गोविंदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यकाम आनंद,न्यू आकाशकिनारी के परियोजना पदाधिकारी अरविंद कुमार झा,कतरास थानेदार प्रवीण कुमार मौजूद रहे.
अधिकारियों ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे वार्ड पार्षद मो. शहाबुद्दीन को भरोसा दिलाया कि पूर्व में हुई वार्ता में तय मिनट्स के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाएगा. बताया गया कि सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, कल्याण मंत्री हाफिजुल हसन, विधायक मथुरा महतो व रतिलाल टुडू की मौजूदगी में हुई वार्ता में बनी सहमति को लागू किया जाएगा.
इसके बाद मो. शहाबुद्दीन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की उन्होंने कहा कि 11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया था और वार्ता में अधिकांश मांगों पर सहमति बनी है. पानी और बिजली की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि सहमति के अनुरूप मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा. उन्होंने इसे आंदोलनकारियों की चट्टानी एकता की जीत बताया.
थानेदार प्रवीण कुमार ने कहा कि रणनीति के तहत चलाया गया आंदोलन सफल रहा. 18 दिनों तक आंदोलनकारी मुख्य द्वार पर डटे रहे. जीएम सत्यकाम आनंद ने कहा कि बीसीसीएल आपका ही परिवार है. इसमे सभी परिवार के सदस्य है वार्ता में जो निर्णय हुआ है. उसे लागू किया जायेगा. साथ लोकल स्तर से भी हर बुनियादी समस्याओं का निराकरण होगा. धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता ऐनुल हक ने किया. धरना समाप्ति के बाद सभी लोग अपने अपने घर चले गये.
8 अगस्त से चल रहा था धरना
7 अगस्त को छाताबाद में भू धसान की घटना हुई थी.जिसमे एक दर्जन से अधिक आवास जमींदोज हो गये थे.कुछ लोग जख्मी भी हुए थे.8 अगस्त से पार्षद मो शहाबुद्दीन के अगुवाई में आशियाना बचाओ अभियान के तहत आंदोलन चल रहा था.जिसमें राज्य के कई मंत्री,विधायक-सांसद व कई जनप्रतिनिधियों ने धरना स्थल पर आकर आंदोलन का समर्थन किया.इधर छाताबाद की घटना के बाद डीजीएमएस ने आउट सोर्सिंग के कार्य को बंद कर दिया था.इससे कंपनी में कार्यरत 300 मजदूर बेरोजगार हो गये है.अब धरना समाप्त होने के बाद मजदूर उम्मीद में है कि कब तक आउट सोर्सिंग का काम चालू होगा.