
धनबाद : हृदय रोग के महंगे इलाज के कारण किसी जरूरतमंद की जिंदगी दांव पर न लगे, इसके लिए जीवन रेखा ट्रस्ट ने पहल की है. ट्रस्ट हर माह पांच आर्थिक रूप से कमजोर हृदय रोगियों की नि:शुल्क एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) करायेगा.
इस तरह एक वर्ष में 60 मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. योजना के तहत अब तक पांच मरीजों की एंजियोप्लास्टी की जा चुकी है. इनमें चार मरीजों को एक-एक और एक मरीज को दो स्टेंट लगाये गये हैं.
एंजियोप्लास्टी में दो से ढाई लाख रुपये तक का खर्च
रविवार को एशियन द्वारकादास जालान अस्पताल में आयोजित प्रेसवार्ता में ट्रस्ट के सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि एंजियोप्लास्टी और स्टेंट लगाने में सामान्यतः दो से ढाई लाख रुपये तक खर्च हो सकते हैं.
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना मुश्किल होता है. ऐसे में ट्रस्ट की यह पहल जरूरतमंद मरीजों को राहत देगी. योजना का लाभ लेने के लिए मरीज उपचार से पहले ट्रस्ट के किसी सदस्य या अस्पताल परिसर स्थित ट्रस्ट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं.
डायलिसिस से लेकर दवाओं तक में मिल रही मदद
राजीव शर्मा ने बताया कि ट्रस्ट हर वर्ष लगभग 100 जरूरतमंद मरीजों का मोतियाबिंद का नि:शुल्क ऑपरेशन कराता है. वहीं, डायलिसिस कराने वाले मरीजों को प्रति सत्र 600 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. इसके तहत हर माह करीब 1100 डायलिसिस सत्रों में सहयोग किया जाता है.
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अरविंद डालमिया ने बताया कि ‘दवाई घर’ में गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं बाजार मूल्य से 85 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध करायी जा रही हैं. उपाध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने बताया कि ऑक्सीजन और मॉनिटरिंग सुविधा वाली इको एंबुलेंस के साथ आइसीयू और कार्डियक सपोर्ट से लैस विंगर एंबुलेंस भी रियायती दर पर उपलब्ध हैं.
मरीजों को चिकित्सा बिल में 1.35 करोड़ रुपये की छूट
राजीव शर्मा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में मरीजों को चिकित्सा बिलों में 90 लाख रुपये की छूट दी गयी. वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 45 लाख रुपये की छूट दी जा चुकी है. इस तरह दोनों अवधियों में कुल 1.35 करोड़ रुपये की राहत दी गयी है.
इसके अलावा ट्रस्ट दो अतिरिक्त डीप फ्रीजर की व्यवस्था कर रहा है, जिससे पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखने में लोगों को सुविधा मिलेगी. ट्रस्ट का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण किसी भी जरूरतमंद को बेहतर इलाज से वंचित होने से बचाना है.