Breaking News

धनबाद पुलिस की दक्षता अभ्यास शुरू , डीसी, एसएसपी ने साधा सटीक निशाना

धनबाद : जिला प्रशासन का शनिवार को वार्षिक फायरिंग दक्षता अभ्यास शुरू हो गया है. इसी कड़ी में विभिन्न पोजीशन में फायरिंग का अभ्यास किया गया. उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने झारखंड सशस्त्र पुलिस-3 के भुंईफोड़ मंदिर के पीछे स्थित फायरिंग रेंज में पुलिस के वार्षिक फायरिंग दक्षता अभ्यास (मार्क्समैनशिप) अभियान में फायरिंग कर लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा.

अभ्यास पूरा करने के बाद उपायुक्त ने बताया कि फायरिंग अभ्यास एक महत्वपूर्ण पुलिस प्रशिक्षण प्रक्रिया है. इसका उद्देश्य निशानेबाजी में कौशल, सुरक्षित हथियार संचालन और विपरित परिस्थितियों के लिए तत्परता को सुधारना है. अभ्यास के दौरान पदाधिकारियों ने लेटकर, बैठकर, घुटनों के बल बैठकर और खड़े होकर लक्ष्य पर निशाना साधा.

उपायुक्त ने फायरिंग रेंज के सुदृढ़ीकरण के लिए गोविंदपुर अंचल एवं वन विभाग के अमीन को नक्शा लेकर मौके पर बुलाया. नक्शे की जांच कर उन्होंने पूरे भूखंड के किनारे ट्रेंच कटिंग कर पहाड़ी का पानी निकट के तालाब तक पहुंचाने का निर्देश दिया.

इस मौके पर वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 18 जून से 30 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान जिले के सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों की निशानेबाजी, हथियार संचालन क्षमता और फायरिंग कौशल की जांच की जाएगी. अभियान के तहत प्रत्येक पुलिसकर्मी को निर्धारित मानकों के अनुसार विभिन्न हथियारों से फायरिंग का अभ्यास कराया जाएगा और उनकी लक्ष्यदक्षता का मूल्यांकन किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि अभियान में जिले के 2586 पुलिस पदाधिकारी एवं जवान भाग लेंगे. प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को अलग-अलग पोजीशन में फायरिंग कर लक्ष्य भेदन करना होगा. इसमें खड़े होकर, घुटने के बल तथा अन्य निर्धारित पोजीशन से निशाना लगाने का अभ्यास कराया जाएगा,ताकि किसी भी परिस्थिति में पुलिस बल प्रभावी ढंग से कार्रवाई करने में सक्षम रहे. प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से पालन कराया जा रहा है.

बताया कि अभ्यास के दौरान लाइव फायरिंग से गोली चलने के झटके (रिकॉइल) के डर के बिना अपनी तकनीक, सांस नियंत्रण और ट्रिगर दबाने के तरीके को सुधारने में मदद मिलती है। इसका उद्देश्य पुलिस बल की फायरिंग क्षमता को लगातार बेहतर बनाए रखना, हथियारों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग का अभ्यास कराना तथा किसी भी आपात स्थिति या कानून-व्यवस्था की चुनौती से निपटने के लिए जवानों को पूरी तरह तैयार रखना है. नियमित अभ्यास से पुलिसकर्मियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और कठिन परिस्थितियों में भी सटीक एवं नियंत्रित कार्रवाई करने की क्षमता विकसित होती है.

अभियान के दौरान प्रत्येक पुलिस पदाधिकारी एवं जवान की निर्धारित मानकों के अनुरूप फायरिंग दक्षता का परीक्षण किया जाएगा. प्रदर्शन के आधार पर उनकी लक्ष्यदक्षता का आकलन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. नियमित फायरिंग अभ्यास से बल की पेशेवर दक्षता और कार्यकुशलता में वृद्धि होती है, जिसका सीधा लाभ कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मिलता है.

About Bikram Nonia

Editor- Koylanchal Times News

Check Also

धनबाद मंडल कारा में देर रात छापेमारी, पुरुष वार्ड से खैनी, चूना और पेन बरामद

धनबाद : धनबाद मंडल कारा में सोमवार देर रात डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *