
सिजुआ : सिजुआ क्लब परिसर में राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन (रा. को. म. यू) का एक दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन सोमवार को आयोजित किया गया। सम्मेलन में यूनियन की संगठनात्मक स्थिति, उपलब्धियों, आगामी कार्यक्रमों एवं भावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के सचेतक एवं बेरमो विधायक तथा राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने कहा कि देश में अब केवल नाम बदलने और चुनाव के समय धर्म के नाम पर वोट मांगने की राजनीति नहीं चलेगी। जनता पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने केवल संस्थानों और धरोहरों के नाम बदले हैं, जबकि गरीब, मजदूर और किसानों के लिए कोई ठोस नई योजना नहीं लाई गई। उन्होंने कहा कि जुमलेबाजी के सहारे शासन चलाया जा रहा है और समाज को धर्म व जाति के नाम पर बांटने का प्रयास हो रहा है।
यूनियन की कार्यकारी अध्यक्षा अनुपमा सिंह ने कहा कि प्रभु श्रीराम सभी के हैं, लेकिन कुछ लोग उनके नाम का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी पार्टी या संगठन की नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, मजदूर और किसान हित की लड़ाई है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर यूनियन की आवाज को मजबूत करना होगा।
सम्मेलन में 12 फरवरी को प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। यूनियन के संगठन सचिव माधो सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिलने से उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिस पर तत्काल समाधान की आवश्यकता है।
प्रतिनिधि सम्मेलन में चार लेबर कोड, श्रमिक अधिकारों और कोयला उद्योग से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर भी गहन चर्चा हुई। सम्मेलन में संतोष महतो, रामप्रीत प्रसाद, विजय कुमार सिंह उर्फ सन्नी सिंह, बी.के. अम्बास्ट, मिथलेश सिंह, जनक लाल, शकील अहमद, दुर्गा मरांडी, अनवर हुसैन, रणधीर ठाकुर, अमजद अंसारी समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
सम्मेलन की अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष बजेंद्र प्रसाद सिंह ने की, जबकि संचालन महामंत्री ए.के. झा एवं विमलेश चौबे ने किया। धन्यवाद ज्ञापन केंद्रीय सचिव सन्नी सिंह ने किया। सम्मेलन में सैकड़ों यूनियन प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने संगठन की मजबूती और एकजुटता को दर्शाया।